NeuroYug
संपादकीय मानक
शुरुआत पाठक के सवाल से
हम सहज भाषा में समझाते हैं कि शरीर में क्या होता है और रोज़मर्रा की समझ से उसका क्या संबंध है । डर पैदा करने वाली कहानियाँ, गढ़े हुए मरीजों के अनुभव और एक व्यक्ति के अनुभव को सबके लिए प्रमाण मानने से बचते हैं ।
प्रमाण पाठक के सामने हों
महत्वपूर्ण चिकित्सकीय दावों के साथ काम करने वाले स्रोत-लिंक चाहिए । लागू होने वाले मौजूदा चिकित्सकीय दिशानिर्देश, अच्छी गुणवत्ता का शोध और मान्यता प्राप्त सार्वजनिक-स्वास्थ्य संस्थाएँ प्राथमिक स्रोत हैं । जहाँ प्रासंगिक हो, भारतीय स्रोत शामिल होते हैं । स्थापित मार्गदर्शन, नए निष्कर्ष, आपसी संबंध और अनिश्चितता अलग पहचान में आने चाहिए ।
स्रोत उस लेख के दावों के अनुसार जाँचे जाते हैं । केवल संदर्भ-सूची यह साबित नहीं करती कि हर दावा समर्थित है । प्रकाशन और स्रोत-जाँच की तारीखें पाठक को संदर्भ समझने में मदद करेंगी ।
आपातकालीन जानकारी में विशेष सावधानी
आपातस्थिति वाले लेखों में लंबी व्याख्या से पहले ज़रूरी कार्रवाई होगी । मार्गदर्शन स्थिति और स्थानीय संदर्भ के अनुरूप होना चाहिए । घर की किसी सूची को गंभीर बीमारी खारिज करने का तरीका नहीं बनाया जाएगा । अस्पताल के उपचार-प्रोटोकॉल को सबके लिए दवा लेने की सलाह में नहीं बदलेंगे ।
शैक्षिक सामग्री किसी व्यक्ति का निदान नहीं करती और पेशेवर देखभाल की जगह नहीं लेती । लेख बदलने पर आपातकालीन संपर्क और चिकित्सकीय मार्गदर्शन फिर जाँचना होगा । आपातकालीन मार्गदर्शन वाले लेखों में स्रोत और संपादकीय जाँच ज़रूरी है । हम स्वतंत्र चिकित्सकीय समीक्षा चाहते हैं और हर लेख की वास्तविक समीक्षा-स्थिति बताते हैं । लेखक की शैक्षिक प्रकाशन-स्वीकृति चिकित्सकीय स्वीकृति नहीं है; भाग 1 इसी आधार पर बाहरी चिकित्सकीय समीक्षा के बिना जारी किया गया है ।
समीक्षा के बारे में ईमानदारी
मसौदा, स्रोत-जाँच, स्वतंत्र संपादकीय समीक्षा और योग्य चिकित्सक की समीक्षा अलग चरण हैं । AI की मदद से की गई जाँच चिकित्सकीय स्वीकृति नहीं है । किसी पेशेवर की समीक्षा का उल्लेख तभी होगा जब वह वास्तव में हुई हो । पूरे प्रकाशन पर किसी संस्था या चिकित्सक के समर्थन का दावा नहीं है ।
लोगों के बारे में सम्मान से लिखें
न्यूरोडाइवर्सिटी पर लिखते समय मानेंगे कि भाषा की पसंद और निजी अनुभव अलग होते हैं । रूढ़ियाँ, चमत्कारी इलाज के दावे और किसी निदान को व्यक्ति की पूरी पहचान बना देना स्वीकार्य नहीं हैं । शोध, निजी अनुभव और व्यावहारिक व्याख्या को अलग पहचाना जाएगा ।
भाषाओं में अर्थ को सुरक्षित रखें
अंग्रेज़ी संदर्भ संस्करण है । भाग 1 हिन्दी, ओड़िया और तेलुगु में भी उपलब्ध है; मराठी, तमिल और बांग्ला आगे की योजना हैं । भाषा सहज हो, पर चिकित्सकीय अंतर, तुरंत करने वाली कार्रवाई और अनिश्चितता का अर्थ न बदले । किसी नए चिकित्सकीय दावे की अलग जाँच चाहिए । समीक्षा की स्थिति हर संस्करण की अपनी है; स्वचालित अनुवाद चिकित्सकीय स्वीकृति नहीं है । भाषा के लिंक केवल उपलब्ध संस्करणों तक जाएँगे ।
गलती मिले तो बात का अर्थ सुधारें
महत्वपूर्ण गलती मिलने पर पहले दावा और उसका असर सुधारा जाएगा । प्रकाशित चिकित्सकीय व्याख्या या सलाह में बड़े बदलाव हों तो अद्यतन टिप्पणी और नई जाँच के साथ दर्ज किए जाएँगे ।
भाषाएँ, योगदानकर्ता और समीक्षा
भार्गव अंग्रेज़ी, हिन्दी, तेलुगु और ओड़िया में पेशेवर स्तर पर बात करते हैं । इसलिए शुरुआत इन चार भाषाओं से है । किसी भाषा में दक्षता का मतलब यह नहीं कि एक खास मसौदे की समीक्षा हो चुकी है; इससे चिकित्सकीय योग्यता या स्वतंत्र चिकित्सकीय स्वीकृति का दावा भी नहीं होता ।
मराठी, तमिल, बांग्ला और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के लिए साथियों और दूसरे योगदानकर्ताओं की मदद ली जाएगी । वास्तविक, अनुमोदित संस्करण तैयार होने तक ये भाषाएँ मुख्य भाषा मेन्यू से बाहर रहेंगी । जब लोग योगदान देंगे, उनके वास्तविक नाम, भूमिका, समीक्षा का दायरा और तारीख उचित जगह दर्ज होगी । केवल योजना बताने का मतलब यह नहीं कि योगदानकर्ता जुड़ चुके हैं या समीक्षा हो चुकी है ।
सहज भाषा की समीक्षा और चिकित्सकीय अर्थ की समीक्षा अलग काम हैं । हर संस्करण बताएगा कि वास्तव में क्या जाँचा गया और किसने जाँचा ।